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Mother

मेरे अल्फाज़

जननी

rupali singh

8 कविताएं

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हर दर्द को सहेगी
पर कुछ न वो कहेगी
ममता भरे आँचल से
शीतल सदा करेगी
जननी है वों हमारी
हम उसके हैं आभारी
संस्कार और मर्यादा का पाठ है पढ़ाती
जो कुछ गलत सही है
वो सब हमें बताती
हो चाहे कितनी मुश्किल
उन सब से है बचाती
जननी है वो हमारी
हम उसके हैं आभारी
हो कितना भी अँधेरा
हमे राह वो दिखाए
ग़र हम जो रुठ जाएं
आकर हमे मनाए
वो प्रेम रुपी चादर
हम पर सदा बिछाए
जननी है वो हमारी
हम उसके हैं आभारी

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