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मेरे अल्फाज़

नन्ही सी गुड़िया

Ruby Gera

8 कविताएं

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नन्ही सी गुड़िया, आफ़त की पुड़िया
क्यों? जल्दी बड़ी हो जाती है बेटियां

अम्मा पापा कह-कह कर, पीछे पीछे आती है
हाथ थाम मां-बाप का, पहला कदम बढ़ाती है
इतनी जल्दी बेटियां क्यों बड़ी हो जाती है

पापा से लाड़ लड़ाती है, हर बात पर अपनी चलाती है
जब होना उनकी ज़िद पूरी सारा घर सर पर उठाती है
इतनी जल्दी बेटियां क्यों बड़ी हो जाती है

मम्मा करे अगर गुस्सा पापा को फोन लगाती है
नकली डांट पढ़ते देख मंद मंद मुस्काती है
इतनी जल्दी बेटियां क्यों बड़ी हो जाती है

-- Ruby


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