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मेरे अल्फाज़

प्रेम शायरी

Rohit Raj

16 कविताएं

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बात तुम गर करो तो करो प्रेम की
बात हम गर करें तो करें प्रेम की
हर तरफ हो मोहब्बत के बादल घने,
बूँद भी गर गिरे तो गिरे प्रेम की

चाँद तारों भरी ये हसीं रात है
आज दिल में मेरे बस यही बात है
चाँद तारों सी बिखरी मोहब्बत यहाँ,
आज कहदो मोहब्बत की बरसात है

ये हमारी मोहब्बत का इज़हार है
आज कहदो मोहब्बत साकार है
कुछ कहों न कहों बस इतना कहों,
प्रेम के ढाई अक्षर स्वीकार है

बिन तेरे जिंदा होकर भी जड़ सी रहा
प्रीत की आश में जन्मों तरसा रहा
प्रीत की वर्षा होगी कब दिल से तेरी,
आसमां भी मोहब्बत के बरसा रहा

कविः रोहित वर्मा

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