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मेरे अल्फाज़

गुलाब

Rohit Kumar

25 कविताएं

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खिलता हुआ वह कांटो में,
महकाता है बाग को।
महक-महक कर बगिया में,
आनंदित करता दुनिया को।
पैग़ाम वही है मुहब्बत का,
शूलों में वह पलता है।
फूल अनेक हैं दुनिया में,
गुलाब दिलों में बसता है।
गुलाब सा नहीं कोई,
दुनिया में पुष्प होगा।
गुलाबी ही होगा चर्चा में,
जब दुनिया में जिक्र होगा।
मधुर-मधुर वह खुशबू देता,
सबके मन को मोहता।
कोना- कोना दुनिया का,
गुलाब सा होता।
फूलों का सरदार है,
बगीचे में सबसे खास है।
सुहावन मनभावन सी खुशबू देता,
फूलों में तो उत्तम गुलाब है।
हर प्राणी बने गुलाब सा,
फिर क्यों न जीवन हंसी होगा।
हर तरफ होगा मंज़र खुशी का,
जीवन सुखी सुखमय होगा।

नाम-रोहित कुमार
मोबाईल-9212884456

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