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मेरे अल्फाज़

चिराग-ए-मोहब्बत देशप्रेम का

ROHIT KUMAR

4 कविताएं

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चिराग-ए-मोहब्बत हम जलाकर रहेंगे
नफरत की आंधियों से हरगिज न डरेंगे

प्यार के रास्ते में कांटे बहुत मिलेंगे
परवाह न करेंगे तो फूल बन खिलेंगे
कलियां भी मुस्कुराएं चाहत हम ये करेंगे
चिराग-ए-मोहब्बत हम जलाकर रहेंगे

मंजूर न किसी को आदत है जो हमारी
फरमान इश्क का है बस ये खता हमारी
रब से दुआ सलामत हरवक्त ये करेंगे
हम प्यार जिससे करते हैं उससे ही करेंगे
चिराग-ए-मोहब्बत का हम जलाकर रहेंगे

लुट जाए मेरी जां गर मंजूर हो खुदा को
आदाब दिल से मेरा कहना सदा खुदा को
हम मुल्क खातिर जां अपनी कुर्बान करेंगे
होकर दफन तिरंगे मेंं नाम हम करेंगे

चिराग-ए-मोहब्बत हम जलाकर रहेंगे
नफरत की आंधियों से हम हरगिज न डरेंगे

- रोहित कुमार आजमगढ़ी

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