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मेरे अल्फाज़

राम फिर से आने वाले हैं

Ritesh tiwari

65 कविताएं

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चमक रही है अयोध्या नगरी।
फूल बिछे हर राह पे देखो।।
हर चेहरे पे चमक है देखो।
नैनो में राम दरस की प्यास दिखे।।

इक रंग में डूबी पूरी नगरी।
जगमग दीपों से नगर सजें।।
दिपावली आज हो मानो।
त्यौहार के रंग में सब आज रंगे।।

सपने संजोए कितनो ने न जाने।
कितनो ने इस ख़ातिर बलिदान दिए।।
पर नमन सदा उन चरणों में है।
जिसने इस कार्य को सिद्ध किए।।

निर्माण किया जिसने इस जग का।
आओ उसके भवन निर्माण की नीव रखें।।
राम राज्य आरम्भ हो फिर से।
हमको भी इसमें शरण मिले।।

भटकी रही भव सागर में नैय्या।
इसको प्रभु पार लगाने वाले हैं।।
जीवन जीने का सही तरीका बताने।
राम फिर से आने वाले हैं।।

-- रितेश तिवारी


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