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मेरे अल्फाज़

प्रेम दिवस

Richa Rai

28 कविताएं

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सुना है आज प्रेम दिवस है।
प्रेम मनाना जरूरी है।।
चुंबन आलिंगन कर प्रिय का।
प्रेम जताना जरूरी है।।

प्रेम समर्पण भाव हृदय का।
लोचन प्रिय का दर्पण हैं।
आभा तन मन करे अलंकृत ।
अनुरक्ति आभूषण है।।

प्रणय निवेदन कर प्रिय को ।
पुनः बताना जरूरी है।।

आराध्य देव हृदय समाहित ।
नेह जलधि हम कैसे दिखाएं ।
प्रभा प्रभाकर नापे कैसे।
सुरभि सुमन की कैसे बताएं।।

अंशुमाली की दिव्य छटा पर|
दीप जलाना जरूरी है।।

अधरो पर नाम तुम्हारा चुंबन।
छवि नयन मे है आलिंगन ।।
प्रेम तुम्हारा श्वासे मेरी।
प्रतिक्षण आते तुम मेरे मन।।

भीगी प्रेम वृष्टि मे फिर भी।
घन का आना जरूरी है।।

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