काश भगवान औरत को बनाता ही नहीं...

                
                                                             
                            काश भगवान औरत को बनाता ही नहीं...
                                                                     
                            
अगर औरत ही नहीं होती तो रेप भी नहीं होते।
औरत नहीं होती तो लड़कों की उमड़ती हुई हवस भी नहीं होती|
औरत नहीं होती तो एक कोख से बच्चा भी पैदा नहीं होता|
औरत नहीं होती तो यह एक बिखरा हुआ संसार भी सिमटा नहीं होता।
औरत नहीं होती तो शायद एक परिवार भी ना होता।
औरत नहीं होती तो वह कोख में पालने वाली लड़की भी आज कहीं नाले या कचरे में पड़ी हुई ना मिलती।
औरत नहीं होती तो यह एक भटका हुआ इंसान भी संभला नहीं होता।
औरत नहीं होती तो शायद ये मजाक भी बंद हो जाता जो आजकल के लोग कह देते हैं कि तुम्हारी ब्रा की स्ट्रिप और तुम्हारी जिन्स पर लगा हुआ ये दाग दुनिया देख रही है!
और शायद ये कहना भी बंद हो जाता है कि लड़की होना पाप और गुनाह है ।
औरत नहीं होती तो उस पर होने वाला हर जुर्म बंद हो जाता|
ना दारू पीकर उसका पति उसको मारता।
और ना ही एक बेटा उस माँ को ओल्ड एज होम छोड़कर आता।
और शायद अगर एक औरत नहीं होती तो यह दुनिया भी नहीं होती।
और अगर यह दुनिया नहीं होती तो अमीर और गरीब का किस्सा भी नहीं होता।
और अंत में बस मैं यही कहना चाहूंगी काश औरत ही नहीं होती. ।
तो ना ही निर्भया कांड होता
और ना ही हर रोज एक नए बलात्कार की खबर हम सुनते।
जय हिंद ...

- रिया गुप्ता 


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8 months ago
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