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वो फिर चला जाता है

                
                                                                                 
                            तन्हा तो मैं बहुत हूं ज़िंदगी में,
                                                                                                

पर फिर भी महसूस कोई आस-पास होता है।
तन्हा तो मैं बहुत हूॅं ज़िंदगी में
पर फिर भी महसूस कोई आस-पास होता है
ढूंढने की कोशिश करती हूॅं उसे,
पर मिलता नहीं वो मुझे है।

जब भी उदास होती हूॅं ख्वाबों में वो आ जाता है,
जब भी उदास होती हूॅं ख्वाबों में वो आ जाता है
मेरी उदासी को दूर कर चेहरे पर मुस्कान वो दे जाता है।
पर पता नहीं क्यों ?
वो फिर चला जाता है।

हकीकत में कभी आता नहीं
हकीकत में कभी आता नहीं,
ख्वाबों में हमेशा आता है।
वो एक ऐसा दीवाना है जो जताता नहीं
पर प्यार बहुत करता है।

हो मुझे कोई दर्द या हो कोई खुशी
हो मुझे कोई दर्द या हो कोई खुशी,
दर्द में दिलासा देने आता है और खुशी में मेरी
खुश वो भी होने आता है।
पर पता नहीं क्यों ?
वो फिर चला जाता है।

कल रात आया था वो ख्वाबों में मेरे
बातें बड़ी प्यारी कर रहा था
कल रात आया था वो ख्वाबों में मेरे
बातें बड़ी प्यारी कर रहा था,
जब खुली अचानक नींद मेरी
तो वो पास नहीं मेरे था।

ख्वाबों में ही सही पर आकर वो
ख्वाबों में ही सही पर आकर वो,
तन्हाइयों को दूर कर देता है।
पर पता नहीं क्यों ?
वो फिर चला जाता है।

" रीना कुमारी प्रजापत"
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2 months ago

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