आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Shaalinta jinki paribhasha hai...

मेरे अल्फाज़

शालीनता जिनकी परिभाषा है...

Ravindra Shrivastava

53 कविताएं

20 Views
शालीनता जिनकी परिभाषा है...
अनेको रूप की भाषा है
कभी माँ बनके लाड लगाती
कभी पत्नी बनकर शर्माती

शालीनता जिनकी परिभाषा है...

कभी बहन बनकर फ़र्ज़ निभाती
कभी बेटा बनकर लाज बचाती
जीवन में भी है इनके नाम
बेटा बनकर करती काम

शालीनता जिनकी परिभाषा है...

अर्धांगिनी ये कहलाती है
बात समझ में आती है
अर्धांगिनी होने का दो दर्जा तुम
कष्ठ कभी ना दो इनको तुम

शालीनता जिनकी परिभाषा है...

नारी कभी ना होती अबला
इनके बिना ना होता जग ना
सृष्टि का होता विकाश इनसे
मानवता का प्रादुर्भाव है जिनसे

शालीनता जिनकी परिभाषा है...

शक्ति का अवतार ये होती
खुशिओं से भरमार ये होती
आओ मिलकर करते है प्रण
देख संकट इनपर छोड़ेंगे न रण

शालीनता जिनकी परिभाषा है...

- रविन्द्र श्रीवास्तव
छपरा, बिहार

-हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।

सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!