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मेरे अल्फाज़

बेचैनी इश्क में

Ravi Razzpurohit

1 कविता

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कभी तो आएगी उसको मेरी याद,
कभी तो करेगी वो मेरे लिए फरियाद।
कभी तो धङकेगा मेरे लिए उसका दिल,
कभी तो रोएगी मेरे लिए भी वो तिल-तिल।
कभी तो गुनगुनाएंगे उसके होंठ बस मेरा नाम,
कभी तो आयेगा मेरे पास उसका एक पैगाम।
कभी तो सोचेगी मेरे बारे में वो दिन मे सौ बार,
कभी तो आएगी उसके मन में प्रेम की बहार।
कभी तो चढेगा उसको मेरा खुमार,
कभी तो होगा उसको मुझसे प्यार।

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