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मेरे अल्फाज़

कारगिल हमारा था, है और रहेगा

Ratna Pandey

119 कविताएं

208 Views
#KargilVijayDiwas

कारगिल की ऊँची पहाड़ी पर
कुछ रक्त अभी भी दिखता है
कुछ याद अभी भी आता है
कुछ दर्द अभी भी होता है

नहीं था आभास शत्रु को
अंजाम इसका यह होगा
फतह करने आए हैं जहाँ
वहीं ज़िंदगी का अंत होगा

धवस्त कर दिए हौसले
जो दिल में सजाए होंगे
क्यों देखा ऐसा सपना
पछता रहे होंगे

सिखा दिया सबक दुश्मनों को
देश के वीर जवानों ने
बहा दिया रक्त कारगिल
के पहाड़ों में

ऐसा किया वार छठी का
दूध याद दिला दिया
फिर कभी मुड़ कर ना देखें
सर नीचे उनका झुका दिया

फख्र है उन वीर जवानों पर
जिनने रक्त अपना बहा दिया
फतह हासिल कर
कारगिल को आज़ाद किया

गिराकर दुश्मनों के झंडे
तिरंगा पुनः फहरा दिया
और कारगिल को पुनः
अपना बना लिया

अमर हो गये जो जीत कारगिल
उनका कुछ सम्मान करो
देकर खुशियाँ उनके परिवारों को
कर्ज़ चुकाने का आगाज़ करो

-रत्ना पांडे
#AzadAlfaz

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