आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Do Parivaron Ki Vyatha
Do Parivaron Ki Vyatha

मेरे अल्फाज़

दो परिवारों की व्यथा

Ratna Pandey

56 कविताएं

474 Views
काँप रही थी माँ, सदमा ऐसा लगा था,
पिता जैसे जीते जी मर ही गया था
निकल रहे थे अंगारे भाई की आँखों से,
दिन में भी घर में अंधेरा घना था।

अड़ोस पड़ोस में चर्चा हो रही थी,
दर्द ऐसा था कि हर आँख रो रही थी,
क्योंकि घर की बेटी विकृत अवस्था में पड़ी थी।

ना जी रही थी ना मर रही थी,
किस्मत को अपनी कोस रही थी
ढांढ़स बंधाने आए थे कई,
समझा रहे थे बुझा रहे थे।

एक बुजुर्ग दम्पत्ति भी वहां आए,
देखकर वह दृश्य वो बहुत घबराये
दे रहे थे बद्दुआ, उस दुष्ट पापी को,
किया है जिसने ये हाल,
इस घर की ज्योति का
नहीं छोड़ेंगे उसे ज़िंदा,
कहां है वह, उसे ढूंढ़ कर लाओ।

तभी अचानक बाहर से कुछ आवाज़ आई,
ज़ंजीरों में पकड़कर,
पुलिस किसी को लेकर आई
देखकर चेहरा स्तब्ध रह गए सब,
मौत देने वाले दम्पत्ति बेहोश हो गए तब।

होश आने पर भी वह अधमरे ही थे,
करतूत देखकर अपने ख़ून की शर्म से वह गढ़ गए थे।

पाला था इस उम्मीद में,
बड़ा होकर माँ बाप का नाम रोशन करेगा
भटक गए होंगे जो,
उन्हें रास्ता दिखाकर पथ प्रदर्शक बनेगा,
पर यह तो ख़ुद ही भटक गया,
पाप के दलदल में अटक गया।

जो किया है पाप इसने,
उसका भार हम सह न पाएँगे,
इस दुनिया को अपना मुँह दिखा न पाएँगे।
कोई माँ बाप ऐसी औलाद नहीं चाहता,
जो पता होता तो आस्तीन में सांप नहीं पालता।

हो गई ज़िन्दगी पूरी हमारी,
ख़ुद से ही नफ़रत हो गई
अब तो इंतज़ार उस पल का है,
जब जहाँ से रुख़्सत करेंगे,
और ऊपर वाले से ये कहेंगे,
बेटी का यह दर्द देख नहीं सकते
और बेटे का यह पाप सह नहीं सकते।

इसलिये हे प्रभु,अब जो हमें जन्म देना,
तो बेऔलाद ही रहने देना
अब जो हमें जन्म देना,
तो बेऔलाद ही रहने देना।

-रत्ना पांडे

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!