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मेरे अल्फाज़

असर

Ramkumar Mathur

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असर

शब्द !
जुबाँ से फिसल कर
कान से होता हुआ
आँखों से
मोती बन टपका
फिर ......
दो को एक कर गया।


शब्द!
जुबाँ से निकल कर
कान से होकर
दिल को छू गया
आखों के आगे
बहारों का
मौसम का छा गया।
........रामकुमार माथुर

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