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rameshwar kavita geet gpl bhadohi gyanpur knpg gic abholi payasipur

मेरे अल्फाज़

दुर्योधन ज़िंदा है अभी....

rameshwar Mishra

75 कविताएं

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आँसुओं के सैलाब में
कैसे हँसते हो तुम हँसी

ओ! वाचनाओं के नायक सभी
राजसभा क्यों सुनती नहीं
चीखे पुकारे विकल वेदना
उसे न्याय क्यों मिलता नहीं

भीम अर्जुन सुनों सभी
दुर्योधन जिंदा है अभी
पौरुष तुम्हारा मर गया क्या
जो दुःशासन हुँकारता है अभी

ओ! नरेश तुम बताओ सही
दुष्टों से सत्ता क्यों सगी
सिंहासन में है क्या पंगुता
क्यों इन्हें दुत्कार देती नहीं

-रामेश्वर मिश्र

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