आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Desh bhakti geet

मेरे अल्फाज़

देश भक्ति गीत

Rajnish Chaubey

20 कविताएं

202 Views
मोदी जी बाहर तो आप ने लड़ लिया अब घर वालो को भी निपटा दो तुम।
क्यू गुमसुम से बैठे हों है इंतजार किसका अब तो बतला दो तुम ।
देकर हाथो मे बंदूके क्या इनसे पूजा अब करवावोगे
कब दोगे आदेश तुम क्या इनकी भी समाधी बनवावोगे
हमने कहा था साथ हूँ मैं क्या कोरे कागज पर लिखवावोगे तुम
मोदी जी बाहर तो आपने.......।
बहुत जल गई गाड़िया अब तो बहुत नुकसान हो गया
वो दिल वाला था जो अब तक इतनी चोट सह गया
पहले पढ़ो कानून को भाई ऐसे न दिल बदलावों तुम
मोदी जी बाहर.......।
मत गरम करो खून उसका मत उसको मजबूर करो
कर न दे गोधरा कांड मत इसपे उसको फिर से मजबूर करो
ऐ रजनीश चार लोग इकढ्ढा हो गए इस बात पे न इतरावो तुम
मोदी जी बाहर तो आप ने लड़.......।।।
लेखक रजनीश उर्फ राज आजमगढ़


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!