व्यथित मन

                
                                                             
                            हर वक्त गुजर जाता है
                                                                     
                            
इंतजार तो कर
यहां कौन खुशी से भरा है
मन निराश न कर

हर रात के बाद सवेरा है
दुख का न हमेशा बखेरा है
दोनों का अंत है निश्चित
व्यर्थ व्याकुल मन तेरा है

आशा निज से ही खुशी लाती
पर से आशा दुःख का कारण
खुशी के पल में है बोलना ठीक
मीत को पराया करता व्यथित मन


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8 months ago
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