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मेरे अल्फाज़

मेरा हमसफ़र....

Rahul Raikwar

1 कविता

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मेरी तस्वीर तुम न देखो....
मैं तेरे काबिल नहीं....

मेरे ख्वाब तुम न देखो....
मैं तेरा साहिल नहीं...

मेरी आँखों में तुम न देखो...
मुझ में कोई सलिका नहीं...

मुझे पढ़कर तुम न देखो...
मुझ में कोई गालिब नहीं...

मुझे छुप कर तुम न देखो...
मैं तेरा एहसास नहीं...

नजदीक आकर तुम न देखो...
मैं तेरे काबिल नहीं...

इक सुहाना कल तुम न देखो...
मैं तेरा हमदर्द नहीं...

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