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मेरे अल्फाज़

कह मुकरी

PUSHPA PANDEY

114 कविताएं

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उसके जैसा पंडित न दूजा
भूली बिसरी बातों का राजा
उसके हिय बसा...भूमंडल
ऐ सखी साजन ना सखी...गूगल ।

हिय बसा के सारे जग का राज
चटपट करे वो सारे काज
खाए इंटरनेट भर-पेट...फूल
ए सखी साजन ना सखी...गूगल ।

उसका बस एक ही उसूल
मांगे नेट बिना कोई भूल
पाकर मैं जाऊं सब काज...भूल
ए सखी साजन ना सखी...गूगल ।



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