आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Bolo Iss Par Kya Bologe

मेरे अल्फाज़

बोलो , इस पर क्या बोलोगे

Professor Ravindra Pratap Singh

54 कविताएं

15 Views
बोलो इस पर क्या बोलोगे

लेप दिये तुमने आलेखन
कच्ची मिट्टी के,
उनका क्या सोचा है ,
उनको क्या करना है, बोलो
शिलालेख जो ।
जो बनकर बैठे मानस में
जो संस्कृति के अटल घटक हैं,
उनके बारे में क्या सोचा
इस पर क्या कुछ बात करोगे ?
बोलो तुमने फसल काट दी
पुष्पित होने से पहले
जो चिड़ियों ने बीज छुपाए
कल उनसे भी पौध उगेगी
बोलो इस पर क्या बोलोगे ?

प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!