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मेरे अल्फाज़

मेरा देश

prem shanker

53 कविताएं

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मेरा देश संसार में है एक विशेष।
यहां मिले हैं कुछ प्राचीन अवशेष।।

सिंधु घाटी यही है इसकी पहचान।
इमारतों में है ताजमहल इसकी शान।।

बलिदानों में हैं इसकी अमर कहानी।
जो हम सभी को हैं याद ज़ुबानी।।

चाहें हो सरदार उधम सिंह या चंद्रशेखर आज़ाद।
ऐसे ही अनंत वीरों की कुर्बानियों से हुए आजाद।।

जलियांवाला बाग हत्या काण्ड को कौन सकता है भूल।
सरदार उधम सिंह ने इसी के बदले उड़ाई थी डायर की धूल।।

करायी थी गुलामी अंग्रेजों न, यूं ही हमको फींचा है।
वीर बलिदानियों ने ही अपने रक्त से देश को सींचा है।।
~ प्रेम शंकर
मौलिक स्वरचित
जय हिन्द जय भारत।।


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