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मेरे अल्फाज़

वनवास पुत्री का

Preeti Prakash

3 कविताएं

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बेटे होने के कुछ फायदों में से एक है घर वापसी
चाहे चौदह वर्ष के वनवास के बाद ही सही
पर बेटियां तो
मानो रुखसती के लिए बनी होती है
और अगर मानिनी गौरवशालिनी हुयी
सीता मैया की तरह
तब तो जनकपूरी, अयोध्या, राजपाट, परिवार
सब छूटेगा
धरती में ही समा जाएगी
एक दिन
धरती की बेटी सीता

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