आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Is Jealousy is any Art
Is Jealousy is any Art

मेरे अल्फाज़

रश्क़ भी क्या कोई कला है

Prashant Pandey

1 कविता

311 Views
हाकिम से भी छीना जाता है हीरा
जब दर पर बैठी हो बख़्त-ए-तीरा
अगर मंसूर ही बेमुरव्वत हो जाये
तड़प तड़प कर जान देती है मीरा

रश्क भी क्या कोई कला है
भला इससे भी इश्क मिला है
ना जाने क्यूं है मुजतर फिर भी लोग
जब फूलों को ना कांटों से गिला है

इसलिए कातिल लगती है ये बहार
क्यूंकि हो गयी है रश्क की अजार
अब होगी इनायत इस खुदा की बस्ती पर
इश्तियाक है दूँ मैं इस जहां को संवार

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।

 
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Your Story has been saved!