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Matlab tum samjha gaye

मेरे अल्फाज़

मतलब तुम समझा गए

Prakash Mitravat

2 कविताएं

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न दिन का मतलब है न रात का मतलब 
तुझसे नहीं तेरी किसी बात का मतलब 

मिलते थे, बैठते थे, हंसते थे कभी हम 
अब समझ में आया औकात का मतलब 

ये रंग जिंदगी के बेरंग क्यूं हुए 
बता गये हैं तुमसे मुलाकात का मतलब 

जिंदगी अगर है तो फिर तमाशे भी होंगे 
समझती नहीं वो किसी हालात का मतलब 

प्यार जज्बात और फिर मिलना बिछड़ना 
मतलब का नहीं होता हर बात का मतलब 

- प्रकाश मित्रवत

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