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चांद

                
                                                                                 
                            ए चांद तुम्हे भेजा है खुदा ने
                                                                                                

सिर्फ मेरे तकने के लिए
मेरी गम से भरी सिहरन वाली
काली रातें ढकने के लिये......
तुमको जो देखू एक दफा
आंखे न अपनी बंद करू
तुम्हें छूने की ख्वाहिश न करू
जब देखू तुम्हे बस हंसती रहू
मैं पास तेरे कभी आ न सकूं
तुम्हे देख देख मन भरती रहूं
ए चांद तुम्हे भेजा है खुदा ने........
है तू ही मोहब्बत तू ही वफ़ा
तुझ पर वारा हर वक्त मेरा
कभी छिप जाना बादल के पीछे
मुझको यूं सताना हक है तेरा
तेरा है ठिकाना नील अंबर
मेरा रहता छत पर डेरा
ए चांद तुम्हे भेजा है खुदा ने.......
मेरा जो भी था तुझ पर हारा
तुझे देख चले जीवन सारा
तेरी परछाई से चमक रहा
गहरे समुद्र , पानी खारा
एक तू ही सहारा काफी है
कई और रात जगने के लिए
ए चांद तुम्हे भेजा है खुदा ने
सिर्फ मेरे तकने के लिए....
- प्रज्ञा सक्सेना
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2 months ago

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