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मेरे अल्फाज़

कविता -'व्यक्ति की पहचान'

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कविता- व्यक्ति की पहचान


आज के
समय में
व्यक्ति की
पहचान,
लोगों
के बीच
धन से होती है।

जिसके पास
जितनी अधिक
चल-अचल
सम्पत्ति है,
खिदमत उसकी
उतनी
अधिक होती है।

व्यक्ति की
शोहरत
बुलंदी
प्रतिष्ठा ,
जो कुछ है
वह
धन से होती है।

पार्टी हो
या पिकनिक ,
शादी हो
या जन्मदिन
व्यक्ति की
इज्ज़त
धन से होती है।


- ओम प्रकाश अत्रि
शोध छात्र
विश्व भारती शान्तिनिकेतन
(प.बंगाल)





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