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मेरे अल्फाज़

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कुछ पंक्तियाँ

Nutan Garg

14 कविताएं

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बहुत प्यारी होती हैं बेटियाँ,
ओस की बूँद सी होती हैं ये,
पापा की आँखों की प्यारी,
माँ की दुलारी होती हैं बेटियाँ।

बेटा करेगा रोशन एक ही कुल को,
पर बेटियाँ करेंगी रोशन दो कुलों को,
बेटा अगर हीरा होता है तो,
बेटियाँ भी सच्ची मोती होती हैं।

काँटों की राह पर चलती हैं ख़ुद तो,
पर औरों के लिये फूल बोती हैं हमेशा,
ना कभी उफ़ तक करती हैं ये,
बस हर काम करने को तत्पर रहती हैं बेटियाँ।

विधि का विधान तो देखो,
दुनिया ने क्या रस्म बनाई,
बेटा पास रहता और दूर जाती हैं बेटियाँ,
मुट्ठी में भरे नीर सी होती हैं बेटियाँ।

बहुत प्यारी होती हैं बेटियाँ……..


मौलिक रचना
नूतन गर्ग(दिल्ली)

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