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मेरे अल्फाज़

आज़ादी

Nishant Jain

19 कविताएं

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देश के हे रक्षक उन जवानों को सलाम है
देश के अंगरक्षक उन किसानों को सलाम है
मेरे देशवासियो को सलाम है सलाम है
देश मे रहकर जो फ़क्र से हिंदुस्तान बोले,,
ऐसे सिख-मुस्लिम भाइयों को भी सलाम है...
मेरे देशवासियो को सलाम है सलाम है...
हिन्द-ऐ-आज़ाद में बलिदान जो दिया है
ये तिरंगा ऐसे वीर सपूतों के नाम किया है
हमे आज़ाद कर जो अमर शहीद हो गये,,
सलाम हे जिन्होंने ऐसा काम किया है
आज आज़ादी का दिवस हम मनायेंगे
हम भी ऊँची आवाज़ में वन्दे मातरम गायेंगे
शहीद हुए उन सभी वीरो की याद दिलाएंगे,,
सर उठा के आज हम तिरंगा फहरायेंगे...
नाचेंगे गायेंगे हां हम खुशियां मनायेंगे
जो बने हे क़ाबिल उन को सम्मान दिलायेंगे
हम भी आज़ादी पे कोई गीत गुनगुनायेंगे,,
सबको गले लगायेंगे हां हम जश्न मनायेंगे...

निशांत जैन
No.-7691845982
#AzadAlfaz

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