मुश्किलों से आगे

                
                                                             
                            अभी धूप है, तो छांव भी होगी
                                                                     
                            
कुछ दूर चल तो सही, मंजिल भी पास होगी ।

आज दुख है तो, कल सुख भी होगा
थोड़ा काबिल बनो तो सही, समय तुम्हारे साथ होगा
मुश्किलें कैसी भी हो सामना करना सीखो
भुलाकर पुराना वक्त आगे को बढ़ना सीखो

लोग तो तुम्हारे कर्मों पर अपनी कैंची चलाते रहेंगे
अगर परिणाम चाहिए तो सब्र करना भी सीख लो
तुम कोशिश करो तो सही
गिरते-गिरते जमीन पर, आसमां पर चढ़ना भी सीख लोगे ...
एक कश्ती ही तो डूबी है हार कर क्यूँ बैठ गए
तुम निरंतर चलो तो सही क्यूँ हार अभी से मान गए।

- निशा सिन्हा, कैनाल रोड़
जक्की बिगहा
डेहरी-ऑन-सोन, रोहतास, बिहार ।


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8 months ago
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