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Bdi takleef hoti h

मेरे अल्फाज़

बड़ी तकलीफ होती है

Nidhi Bansal

13 कविताएं

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बड़ी तकलीफ होती है

टूटते हैं जब वो सपने जो माँ आँखों में संजोती है
बड़ी तकलीफ होती हैबिखरती है जब वो माला जो माँ उम्मीद से पिरोती है।
बड़ी तकलीफ होती है..

सूखती हैं जब वो फसलें जो माँ अपने तन में बोती है
बड़ी तकलीफ होती है...

दिये जो घाव अपनों ने उसे आंचल से छुपाती हैं
रोता है दिल उसका मगर फिर मुस्कुराती हैं
छुप छुप के पलकों को आँँसू से भिगोती हैं।
बड़ी तकलीफ होती है...

दिल के थे जो टुकड़े आँखों के जो तारे थे
राहें देख देख उनकी अपनी आँखें थकाती हैं
उनकी चिंता में, यादों मे, वो जागी जागी सी सोती है
बड़ी तकलीफ होती है...

सहारा दे के हाथों से जिन्हें चलना सिखाया था
पकड़ कर हाथ जिनका सब करना सिखाया था
ना पल देखा ना घड़ियां गिनी अपना हर वक्त भूलाया था
उस मां को उनके साथ अब ना घड़ी भी नसीब होती है
बड़ी तकलीफ होती है, बड़ी तकलीफ होती है...

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