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मेरे अल्फाज़

आईना

Neerja Pandey

17 कविताएं

130 Views
मिलने की कोशिश करूं भी तो कैसे
आता नहीं उलझनों को छुपाना
चेहरा मेरा है एक आईना
आता नहीं मुझे ग़म छुपाना

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