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Astitatv

मेरे अल्फाज़

अस्तित्व

Neelam Narang

5 कविताएं

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क्या शय है अस्तित्व
जितना अधूरा
उतना ही सम्पूर्ण
कई लोग करते हैं
कड़ा संघर्ष
इसको बनाए रखने के लिए
कईयों के सपने टूट जाते हैं
इसको बनाए रखने के लिए
कुछ लोगों के यथार्थ और
कल्पना की टकराहट में
खो जाती है इसकी पहचान
कुछ इसी को बचाने के लिए
कर देते हैं सब कुछ क़ुर्बान
ये अस्तित्व
जितना सुखदायक
उतना ख़ौफ़नाक
जितना अपना
उससे ज़्यादा पराया
कितना कठिन है
इसको बचाए रखना

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