आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Astitatv
Astitatv

मेरे अल्फाज़

अस्तित्व

Neelam Narang

8 कविताएं

70 Views
क्या शय है अस्तित्व
जितना अधूरा
उतना ही सम्पूर्ण
कई लोग करते हैं
कड़ा संघर्ष
इसको बनाए रखने के लिए
कईयों के सपने टूट जाते हैं
इसको बनाए रखने के लिए
कुछ लोगों के यथार्थ और
कल्पना की टकराहट में
खो जाती है इसकी पहचान
कुछ इसी को बचाने के लिए
कर देते हैं सब कुछ क़ुर्बान
ये अस्तित्व
जितना सुखदायक
उतना ख़ौफ़नाक
जितना अपना
उससे ज़्यादा पराया
कितना कठिन है
इसको बचाए रखना

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Your Story has been saved!