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Kaash Aisa Ho

मेरे अल्फाज़

काश ऐसा हो

Navneet Soni

6 कविताएं

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काश ऐसा हो कि बिन बोले बातें बयाँ हो जाये,
हम उनके और वो हमारे दरमयां हो जाये।
ये जो धूल सी जमी है मोहब्बत के चादर पे,
आ मिल के रो ले कि फिर से वो नया हो जाये।

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