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मेरे अल्फाज़

गदर

Naveen Kumar

37 कविताएं

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गदर
इस 17 बी लोकसभा में बहुत से प्र्शन निकले
प्रश्न से प्रश्न ये निकला
डॉक्टर कन्हया कुमार क्यों हर गया
इस पर लम्बी चौड़ी बहस हुई
किसी ने शिक्षक कहा किसी ने डॉक्टर
मेने कहा उन सब से
इन जेसो को वोट कहा से पड़ती
क्यों के ये देश को बाँटने का काम करते है
ये लोग रात के अंधरे में भारत तेरे टुकड़े होंगे
अफजल गुरु तू जिन्दा है
ऐसे ऐसे नारे लगते है
खाते इस देश का है गुन पाकिस्तान के गाते है
ऐसे लोगो को देश की जनता चुनाबों में सबक सिखाती है
ये तो हारे इन के साथ कुछ इन के आका भी हारे
जो सोचे गा भारत को तोड़ने को
उस का यही इंजाम होगा
भारत तो अखंड रहे गा
इन जैसे लोगो का नाम न होगा
नवीन कुमार सुनाम 



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