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मेरे अल्फाज़

हम इज़हार करते हैं

Naveen Gupta

6 कविताएं

36 Views
हम इज़हार करते हैं

ना खामोशी मेरी समझे, ना मेरी शायरी समझे,
ना उर्दू का ब्यां समझे, ना हिन्दी की जुबां समझे।
तो दिल की बात अब तुमसे, सरे-बाज़ार करते हैं,
लो हम इज़हार करते हैं, कि तुमसे प्यार करते हैं।

यहां सब लोग कहते हैं, मौहब्बत एक'मसला' है।
तेरी खातिर इसे भी इश्क में....शुमार करते हैं। 
लो हम इज़हार करते हैं, कि तुमसे प्यार करते हैं..

ना कसमों की तुम्हें आदत, ना मुझको शौक वादों का,
तुम्हें भी इश्क है हमसे.....,तेरा एतबार करते हैं। 
लो हम इज़हार करते हैं, कि तुमसे प्यार करते हैं...

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