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मेरे अल्फाज़

भूल से भी मत थामो तनहाई का हाथ

Nathuram Kaswan

1282 कविताएं

18 Views
भूल से भी मत थामो तनहाई का हाथ,
पाने को तरस जाओगे अपनों का साथ!

एन आर कस्वां


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