क्या है प्यार पहचानें ना

                
                                                             
                            कितना मनाया कोई मानें ना
                                                                     
                            
बहुत समझाया कोई समझें ना
दिल का दर्द कोई जाने ना
क्या है प्यार पहचानें ना....
झुठे वादे करें बदले इरादा
दिल पे वार करें समझें न वादा
प्रितिया के बात करें पीड़ देला ज्यादा
कितना मनाया कोई मानें ना
बहुत समझाया कोई समझें ना
दिल का दर्द कोई जाने ना
क्या है प्यार पहचानें ना...
कहें जन्मभर साथ निभाना
बीचराह में छोड़ ना जाना
"अनमोल" समझें ना असल इरादा
कितना मनाया कोई मानें ना
बहुत समझाया कोई समझें ना
दिल का दर्द कोई जाने ना
क्या है प्यार पहचानें ना...

अनमोल मुन्ना (एकलव्य)

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1 year ago
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