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मेरे अल्फाज़

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस

Mukesh Kumar

83 कविताएं

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हर फितरत में हर हरकत में ईमान जरूरी है
सुनो कदम कदम पे इंसानों आमान जरूरी है

सेहत, शिक्षा, गिर्द-ओ-पेश हर जीवन बेहतर हो
सुरक्षा हो हर हाथों में यह वरदान जरूरी है

~ शायर मुकेश (बरेली)


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