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मेरे अल्फाज़

उम्मीद का दामन

Mudit Tiwari

27 कविताएं

7 Views
writer -मुदित तिवारी "दौलतपुरी"

उम्मीद का दामन थामे मैं बढ़ता जा रहा हूँ
हर राह पे हर मोड़ पे मैंं चलता जा रहा हूँ
बढ़ते हुऐ कदम रुकते कभी नहींं है
आशाओं का दीपक बुझता कभी नहीं है
ना लक्ष्य का मेरे कोई अता -पता
मै इन्सान हूँ और वक्त के हाथों चलता जा रहा हूँ
उम्मीद का दामन थामे मैं बढ़ता जा रहा हूँ
हर राह पे हर मोड़ पे मैं चलता जा रहा  हूँ


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