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क्रूरता की क्रूर सीमा...

                
                                                                                 
                            अगर कोई असहाय को पीटता है
                                                                                                

तो एक दिन पीटने वाले को असहाय से
अत्यधिक दर्द मिलता है ,
आज तुम कमजोर को सता रहे हो
अपनी कायरता दिखा रहे हो
,जिस पर लाठियां बरसा रहे हो उस
असहाय का कृष्णा होगा सहारा ,
देखेगा एक दिन जमाना
,हर कतरे म आंसुओं का लेगा हिसाब ,
तुम्हारे हिस्से आएगा आंसुओं का सैलाब
,हो जाओ इसके लिए तैयार
आज तुमने दिल दुखाया है
निरपराध का
,कल तुम्हारी बारी आएगी
विपदा ही सहचरी होगी,
आफत की हर फिजा होगी
कर्म कभी परछाईं बनकर
तुम्हारे भाग्य पर ग्रहण लगाएगा।
मत सताओ निर्दोष को
लाठियां मत बरसाओ कमजोर पे
थोड़ा तो रहम करो उस कृष्णा से
सीखा करो,उसके कोप से डरा करो।
हर कुसूर की सजा लाठियों से मत दिया करो
जज़्बात से भी मानवीय मूल्यों को दर्शाया करो।
क्रूरता की क्रूर सीमा का अंत करो
मनुष्यता पर पशुता का अंत करो।
कृष्णा के संदेशों को ग्रहण करो।
हे मानव जाति प्रेम से ही क्रोध पर विजय करो।
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1 month ago

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