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मेरे अल्फाज़

ग़ज़ल

Meenakshi Raje

28 कविताएं

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हमने क्या दिया तुमको,तुमने क्या दिया हमको,
दामन छूट जाने पर हिसाबों का करेंगे क्या?

किसने कहाँ कब कैसे ये धागे तोड़ डाले हैं,
बिखर ही जो गये मनके,जवाबों का करेंगे क्या?

तेरी-मेरी ही कहानी तो हमें मंजूर थी,
इश्क़ वाली हम किताबों का करेंगे क्या?

वक़्त-ए-खिजाँ दे कर गये सौगात में हमको,
मौसम-ए-बाहर में,गुलाबों का करेंगे क्या?

--Meenakshi Raje




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