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Tum aajao

मेरे अल्फाज़

तुम आ जाओ

Masoom Khushtar

14 कविताएं

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दिल की बस्ती वीरां पड़ी है
चाहत के दीप जला जाओ
तुम आ जाओ
तुम आ जाओ....

कुछ देर सही
कुछ पल के लिए
पलकों के तले
नींदों से परे
बन रात सुहानी आ जाओ
तुम आ जाओ
तुम आ जाओ....

होंठों पे सजे वो गीत बनो
मेरे मन के तुम मीत बनो
होकर शामिल तुम धड़कन में
मेरी रूह तलक में समा जाओ
तुम आ जाओ
तुम आ जाओ....

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