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मेरे अल्फाज़

मुशरिक हैं मुसलमान नहीं

Maroof Hassan

15 कविताएं

266 Views
हक मारने वाले अहले ईमान नही हैं
झूठे हैं वो सारे शाने इस्लाम नही हैं
कब्रों को खुदा जानकर पूजने वाले
मुशरिक हैं मुसलमान नहीं हैं
मारुफ आलम


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