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मेरे अल्फाज़

नया मोड़

MANOJ R

4 कविताएं

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कल फिर एक नया सबेरा होगा
देखते हैं कल क्या होगा

ज़िन्दगी उसी मोड़ पे मिलेगी
या फिर रास्ता कोई नया होगा


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