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मेरे अल्फाज़

प्रियतम तेरी याद सताती.....

Manoj Kumar

57 कविताएं

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मधुर मिलन की स्मृतियां,
जब नैनों में है छाती,
प्रियतम तेरी याद सताती,
प्रियतम तेरी याद सताती.....
वो उपवन में तेरा आना,
नयन दृष्टि का टकराना,
मृदुल मनोरम अंगुलियों का,
अनुलेपन सा सहलाना,
वो अधरों का मेरा चुंबन,
बाहुपाश का आलिंगन,
मृदु यादें तड़पाती,
प्रियतम तेरी याद सताती,
प्रियतम तेरी याद सताती.....
मधुर मिलन की स्मृतियां,
जब नैनों में है छाती,
प्रियतम तेरी याद सताती,
प्रियतम तेरी याद सताती.....
यौवन रूपी सुमन खिला है,
प्रियतम भंवरे आ जाओ,
प्रेम का संगीत सुनाकर,
रस मेरा तुम पी जाओ,
तुम बिन पृथक न जी पाएंगे,
रैन बहुत तड़पाती,
प्रियतम तेरी याद सताती,
प्रियतम तेरी याद सताती.....

- मनोज कुमार 'अनमोल'
रतापुर, रायबरेली (उत्तर प्रदेश)

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