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Talash

मेरे अल्फाज़

तलाश

Manisha Joban

19 कविताएं

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हर किसी को तलाश है किसी न किसी चीज की
कोई सुकून ढूंढ़ता है झगड़ा करके
कोई प्यार ढूंढता है नफरत करके
कहीं खोज में है कोई इंसान को छोड़कर भगवान की 

कोई अपने आप को ढूंढता हुआ सिर्फ़ आइना देख खुश रहता है 
पहलू में बैठे प्यार की हथेली में है किसी को तक़दीर की तलाश
कोई औरो की आँखों में तलाशता है अपने सपनो की तासीर 
कहीं तलाश है अपने वजूद को दुसरो के दिल में ज़िंदा रखने की 

कोई तलाशता है अपने सपनो को ज़िंदा रखने वालो को 
कोई तलाशता फिरता है खुद के गुनाहो को माफ़ करने वाला 
ज़िंदा लाशो के बिच खोजते है प्यार की चिंगारीयो को 
हर किसी को ख्वाहीश , जो मिली है उससे अलग ज़िन्दगी को जीने की 

और इन सबके बिच अपने आप को सबसे अलग समझते हुए ह
म भी तो कुछ अलग बनना ही ढूंढते है ना ...?

- मनीषा जोबन देसाई
सूरत

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