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Gurudev Tagore Ki Kahani

मेरे अल्फाज़

गुरुदेव टैगोर की कहानी

Manish Kumar

108 कविताएं

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कभी वक़्त की
सुईयां उलट कर देखो
कुछ आज
तो कुछ पीछे मुड़कर देखो
इन्हीं पन्नों में छिपी है
गुरुदेव टैगोर की कहानी
कुछ रुककर
कुछ पढ़कर तो देखो
टैगोर ने लिखा हैं
साहित्य का खजाना
जरा ठहर कर तो देखो
गीतांजलि की पाठ्यवस्तु
थोड़ा ग़ौर से तो देखो
मौका निकालकर
थोड़ा शांतिनिकेतन जाकर तो देखो
राष्ट्रगान की धुन को
थोड़ा गुनगुना कर तो देखो
गोरा व घरे बाइरे को
पलटकर तो देखो
उस कालखंड में
अंग्रेजी हुकूमत के ख़िलाफ़
उनकी आवाज तो देखो
हनक थी कितनी
नोबेल की मिठास को छूकर तो देखो
विश्व नागरिक की उनकी कल्पना
समझकर तो देखो
उनकी कला को
देखकर तो समझो
संगीत का आनंद
रवींद्र संगीत सुनकर तो देखो
गुरुदेव टैगोर की कहानी
थोड़ा पढ़कर तो देखो

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