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मेरे अल्फाज़

उसके पास कठिन काम हैं

Mahesh Rautela

181 कविताएं

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उसके पास कठिन काम हैं
हिमालय बनना है
गंगा बहानी है
मनुष्य रचना है
पास में जानवर भी बैठाना है।

वनस्पतियां उगानी हैं
हवा को इधर से उधर करना है
आकाश को नापना है
धरती की गुणवत्ता बता
मनुष्य को समझना है।

प्यार के लिए मंच सजाना है
इधर-उधर पत्थर उछाल कर
हलचल बनाये रखना है।

स्वभाव हमारा और उसका मिले या न मिले
यात्रा पूरी करनी है
विसंगतियों पर टिप्पणी कर
क्रान्तियों को जीवित रखना है।

हमारे पूर्वज अभी मरे नहीं हैं
सुगबुगाहट के साथ
यादों में जगमगाते,टिमटिमाते
अचल-अटल बने हुए हैं।
-महेश रौतेला

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