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Meine pyar ke liye bahut jagah banayee

मेरे अल्फाज़

मैंने प्यार के लिए बहुत जगह बनायी

Mahesh Rautela

30 कविताएं

61 Views
मैंने प्यार के लिए बहुत जगह बनायी,
लेकिन भूख इतनी थी कि वह भर नहीं पायी।

हम बहुत शोर नहीं कर पाते हैं,
क्योंकि हमारी माँगें बहुत शान्त हैं।

जब तक हूँ, आसमान के नीचे हूँ
देखता हूँ,ऊपर की दुआएं, नीचे आती हैं।

महेश रौतेला

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