ऐ साथी मेरे

                
                                                             
                            ऐ साथी मेरे जीवन के
                                                                     
                            
ले चल तू साथ आज अपने

छोड़ रीति दुनिया की अब तू
नित्य सजा प्रीति साज अपने

हाथ हाथ में ले मेरा तू
सँभाल ले जरा लाज अपने

जैसे ये दो पटरी दिखती
जीवन पटरी चलते अपने

साथ करेगी तय दूरी को
जो पग से पग बढ़ते अपने

दिल नाम किया है जब अपना
समझ तिजोरी रख ले अपने

लौट न देखूँ पीछे वापस
छाँव बना कर रख ले अपने

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3 years ago

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